
पटना — बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय और पंच-सरपंच संघ बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने संयुक्त रूप से राज्य के मुख्य सचिव से महत्वपूर्ण मुलाकात कर पंचायती राज संस्थाओं व ग्राम कचहरी से जुड़ी समस्याएँ उठाईं। प्रतिनिधि संगठन ने विशेष रूप से VB-GRAMG की जटिल भुगतान प्रणाली में सुधार और भुगतान से जुड़ी प्रक्रियाएँ प्रखंड स्तर पर ही रखे जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान भुगतान प्रक्रिया में देरी और जटिलता से पंचायतों को आर्थिक कठिनाइयाँ हो रही हैं। इसलिए भुगतान में देरी होने पर जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण और कानून के अनुरूप पेनाल्टी लगाने की व्यवस्था की जाए। साथ ही सभी तकनीकी कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए ताकि भुगतान प्रक्रिया सुचारू रूप से चले।
नेताओं ने 16वें वित्त आयोग की गाइडलाइन को वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुरूप लागू करने तथा पंचायतों की स्वतंत्रता और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने छठे वित्त आयोग की राशि के दूसरे विभाग को भेजे जाने के मामलों की समीक्षा की माँग रखी और पंचायत सरकार भवन तथा विवाह भवन के निर्माण के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त, पंचायत कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और कंटिनजेन्सी (contingency) की राशि बढ़ाने की भी मांग की गई।
प्रतिनिधि संगठनों ने यह भी कहा कि पंचायती राज विभाग में कई वर्षों से एक ही स्थान पर नियुक्त अधिकारियों के तबादलों की समीक्षा होनी चाहिए तथा ग्राम कचहरी प्रहरी की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए।
मुख्य सचिव, बिहार ने प्रतिनिधि संगठनों की पहल को सकारात्मक बताया और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण के लिए उठाए जा रहे मुद्दों की समीक्षा कर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
