
पटना में आज विकास भवन के पंचायती राज विभाग मंत्री कार्यालय प्रकोष्ठ में एक ऐतिहासिक भेंटवार्ता हुई, जिसमें ग्राम कचहरी प्रहरी सह सफाई कर्मियों के भविष्य को लेकर सकारात्मक मोड़ आया। ग्राम बिहार ग्राम कचहरी प्रहरी सह सफाई कर्मी संघ के तत्वाधान एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मंत्री श्री दीपक प्रकाश से विस्तृत चर्चा की और वर्षों से लम्बित माँगों का निपटारा कराने का अनुरोध रखा। बैठक में त्रिस्तरीय एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधि संघों के दर्जनों प्रतिनिधि कर्मी उपस्थित थे।

बैठक की शुरुआत सम्मानीय अभिवादन एवं बुके—गुलदस्ते व अंगवस्त्र देकर मंत्री का सम्मान कर हुई। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष पंच सरपंच संघ विहार श्री अमोद कुमार निराला, मुखिया महासंघ अध्यक्ष श्री मिथिलेश कुमार राय और प्रमुख संघ अध्यक्ष श्रीमती जयमाला कुमारी पासवान सहित कई गणमान्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि साल 2006 से ग्राम कचहरी में निःशुल्क स्वयंसेवक के रूप में कार्यरत हजारों प्रहरी सह सफाई कर्मी कई वर्षों से वेतन, नियोजन और औपचारिक अनुमति की मांग लेकर आ रहे हैं।

प्रतिनिधियों ने बताया कि इन प्रहरी कर्मियों ने स्थानीय स्तर पर पंचायतों की सुरक्षा, सभाओं का संचालन, ग्राम कचहरी की साफ-सफाई और कार्यालयीन कामकाज में अमूल्य योगदान दिया है। कई ऐसे कर्मी हैं जो 18 वर्ष से अधिक समय से निःस्वार्थ सेवा करते रहे हैं, फिर भी उनकी सेवाओं का औपचारिक मान्यता व नियोजन नहीं हुआ है। इसके कारण उन्हें आर्थिक असुरक्षा, सामाजिक अनिश्चितता और सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ा है।

इस मुद्दे पर गंभीर होते हुए मंत्री श्री दीपक प्रकाश ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा कर ग्राम कचहरी प्रहरीों के पक्ष में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को दुरुस्त करना मेरा कर्तव्य और दायित्व है, तथा पंचायतों के प्रत्येक प्रतिनिधि कर्मी को मैं अपना परिवार मानता हूँ। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बहुत जल्द उन कर्मियों को कार्य करने की औपचारिक अनुमति प्रदान की जाएगी जिनकी सेवाएँ वर्षों से गांवों में चल रही हैं, और शेष बचे ग्राम कचहरियों में भी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

प्रतिनिधियों ने मंत्री से एक तत्काल निर्देश (नोटिस/आदेश) जारी कराने की भी मांग की, क्योंकि कई विभागीय आदेशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर अभी तक आवश्यक नोटिस या अनुमति जारी नहीं हुई है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सभी त्रिस्तरीय एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधि संघ एकमत होकर तथा प्रहरी संघ के समर्थन से यह माँग उठा रहे हैं और उन्होंने आशा जताई कि सरकार शीघ्र और ठोस कार्रवाई करेगी।
बैठक के बाद ग्राम कचहरी प्रहरी संघ के प्रदेश अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने मीडिया को बताया कि यह जीत केवल अधिकारियों के आश्वासन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जल्द से जल्द लिखित आदेश और नियुक्ति-प्रक्रिया का चरण-दर-चरण क्रियान्वयन होना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारे साथी 18 वर्षों से ग्राम कचहरी में बिना किसी वेतन व सुविधाओं के काम कर रहे हैं — यह केवल सेवा नहीं, बल्कि त्याग है। अब उनका नियोजन हो और भविष्य सुरक्षित हो।
“प्रतिनिधियों ने मंत्री से यह भी अनुरोध किया कि जिन चौकीदारों और प्रहरी कर्मियों को विभागीय आदेशों के बावजूद अभी तक नोटिस नहीं मिला है, उनके मामलों की प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए। सभी संघों ने संयुक्त मांग पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई और कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वे प्रशासनिक स्तर पर फॉलो-अप करेंगे ताकि लिखित आदेश और नियुक्तियों की प्रक्रिया में देरी न हो।
नोट: इस बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि यह समस्या स्थानीय प्रशासनिक अनदेखी और कागजी कामों में देरी की वजह से बनी है। ग्रामीण स्तर पर सुरक्षा व सफाई के लिए दी जा रही यह निःस्वार्थ सेवाएँ पंचायतों के सुचारू कार्य के लिए आवश्यक हैं, इसलिए इन्हें मान्यता और संरक्षण मिलना चाहिए।
