मुख्यमंत्री सम्रात चौधरी ने ग्राम संसद संवाद का किया उद्घाटन; सरपंच-मुखिया ने प्रस्तुत किए 13 सूत्री सुझाव

पटना, 21 सितंबर — आज पटना में आयोजित ग्राम संसद संवाद कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री, बिहार सरकार श्री सम्राट चौधरी जी के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुखिया महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री मिथिलेश कुमार राय तथा पंच सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमोद कुमार निराला ने संयुक्त रूप से माननीय मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। उसी अवसर पर त्रिस्तरीय पंचायत एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों व कर्मियों की ओर से मुख्यमंत्री को पंचायत सशक्तिकरण हेतु सुझाव-पत्र भी समर्पित किया गया।

मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने प्रतिनिधि मंडल से वार्ता करते हुए स्पष्ट किया कि जनता के न्याय-संगत हित में आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने परिसीमन व पंचायत हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी साझा की तथा ग्राम कचहरी को सशक्त करने के लक्ष्य की पुन: पुष्टि की। उन्होंने कहा कि ग्राम कचहरी व उसके प्रतिनिधि-कर्मियों को सर्वसुविधाजनक बनाया जाए तो बिहार न्याय के क्षेत्र में एक उदाहरण स्थापित करेगा।

पंच सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमोद कुमार निराला ने कार्यक्रम में 13 सूत्री मांग पत्र प्रस्तुत किया, जिनमें प्रमुख बिंदु निम्नलिखित थे:

स्थानीय निकाय/विहार विधान परिषद (MLC) चुनाव में पंच-सरपंचों को मतदाता बनाने का प्रावधान।

पहले से कार्यरत प्रहरी/सफाई कर्मियों को मान्यता प्रदान करना

ग्राम कचहरी में सुनवाई हेतु मौद्रिक सीमा बढ़ाकर ₹3,00,000 (तीन लाख) करना (वर्तमान ₹10,000 से संशोधन)।

सूखा तथा भींगा नशा संबंधी मामलों की सुनवाई का प्रावधान ग्राम कचहरी को सौंपी जाए।

धारा 90 से 122 तक के अनुपालन तथा कानूनी प्रावधानों का सही क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

पुलिस प्रशासन का पूर्ण सहयोग सुनिश्चित किया जाए।

प्रतिनिधियों को मिलने वाली राज्य वित आयोग की राशि ग्राम कचहरी के माध्यम से प्रदान की जाए।

कंटिंजेन्सी (आपात) राशि प्रति माह ₹5,000 की बजाए वृद्धि करने की मांग।

पूर्व में माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा जारी आदेश-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल से चर्चा के दौरान इन सुझावों और मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया और कहा कि जिन मामलों में शीघ्र निर्णय संभव है, उन पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने ग्राम कचहरी की कार्यप्रणाली तथा संसाधन सुदृढ़ करने के महत्व पर बल दिया, ताकि स्थानीय स्तर पर न्याय व सेवाएँ तेजी से और प्रभावी ढंग से उपलब्ध हो सकें।

कार्यक्रम में त्रिस्तरीय पंचायतों, ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों, स्थानीय प्रशासन व नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य ग्राम कचहरी को मजबूत बनाकर स्थानीय स्तर पर न्याय-प्राप्ति और प्रशासनिक पहुंच को सुनिश्चित करना बताया गया।

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