
पटना, 14 मई — बिहार के ग्रामकचहरियों में सुनवाई का दिन पुनः पूर्ववत प्रत्येक शनिवार करने की मांग को लेकर पंच सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला तथा मुखिया महासंघ के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने आज विकास भवन स्थित विधि एवं पंचायती राज विभाग के कार्यालय कक्ष में मंत्री श्री दीपक प्रकाश से संयुक्त रूप से मांग पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि ग्रामकचहरियों का शनिवार को नियमित संचालन जनहित एवं प्रतिनिधि हित दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
श्री निराला ने बताया कि वर्ष 2006 से बिहार के सभी पंचायतों में ग्रामकचहरी विधिवत कार्यरत हैं और नियमावली के अनुरूप लाखों मामलों का निस्तारण कर स्थायी समाधान प्रदान कर रही हैं। इससे अनुमंडल, जिला और उच्च न्यायालय पर भी बोझ कम हुआ है। उन्होंने कहा कि 2006 से 2025 तक ग्रामकचहरी सुनवाई का दिन प्रतीक रूप से शनिवार था और उसी दिन लाखों वादों का निपटान होता रहा। किन्तु हाल में विभाग द्वारा सुनवाई के दिन बदल कर शुक्रवार और मंगलवार कर दिए जाने से समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने तर्क दिया कि शुक्रवार मुस्लिम समुदाय के लिए नमाज़ का मुख दिन है, जबकि मंगलवार हिन्दू समाज के पूजा-पाठ का प्रमुख दिन माना जाता है, इसलिए इन दिनों सुनवाई रखने से जनहित प्रभावित होता है।

मालूम हो कि पंचायत स्तर पर ग्रामकचहरी जनता के नज़दीक न्याय एवं विवाद समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है और उसके समय में परिवर्तन से उपस्थित लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पंचायत प्रतिनिधियों ने अपील की कि ग्रामकचहरी के सुनवाई के दिन को पुनः शनिवार कर दिया जाए जिससे सभी समुदायों तथा जनप्रतिनिधियों के लिए सुविधा बनी रहे।
विधि एवं पंचायती राज विभाग के मंत्री श्री दीपक प्रकाश ने प्रतिनिधि मंडल की मांग को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि वे मामले का तत्काल निरीक्षण कराएंगे और ग्रामकचहरी को और अधिक सशक्त बनाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
यह अनुवर्ती कदम: पंचायत प्रतिनिधि व विभाग के अधिकारियों के बीच जल्द ही वार्ता कर एक निष्कर्ष पर पहुँच जाएगा और जनता को इसके बारे में अवगत कराया जाएगा।
