
पटना, 30 मई 2026।कोशिश चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा पटना के दीघा स्थित तरूमित्र आश्रम में “ग्राम कचहरी के माध्यम से सुलभ एवं प्रभावी न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने” विषय पर राज्य स्तरीय परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से आए 50 से अधिक सरपंचों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों और जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

परिचर्चा का मुख्य उद्देश्य ग्राम कचहरी व्यवस्था की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और उसके सुदृढ़ीकरण के लिए सामूहिक सुझाव तैयार करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंच-सरपंच संघ बिहार के राज्य अध्यक्ष आमोद कुमार निराला थे। वहीं पटना उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं विधि विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

बैठक में ग्राम कचहरी की कार्यप्रणाली, न्यायिक प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं, प्रशासनिक एवं सामाजिक चुनौतियों तथा ग्रामीण स्तर पर न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए ग्राम कचहरी को अधिक प्रभावी और जनोन्मुख बनाने के सुझाव दिए।
मुख्य अतिथि आमोद कुमार निराला ने कहा कि ग्राम कचहरी ग्रामीण न्याय व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है, लेकिन आज भी इसे पर्याप्त प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने ग्राम कचहरी को अधिक अधिकार, संसाधन और संस्थागत समर्थन देने की आवश्यकता पर बल दिया।

वक्ताओं ने कहा कि ग्राम कचहरी को केवल एक वैधानिक संस्था नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक भागीदारी के मजबूत माध्यम के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्राम स्तर के विवादों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित करने की मांग की।
परिचर्चा में कई महत्वपूर्ण सिफारिशें भी सामने आईं। इनमें ग्राम कचहरी को पर्याप्त वित्तीय एवं प्रशासनिक संसाधन उपलब्ध कराना, सरपंचों और पंचों के लिए नियमित न्यायिक एवं विधिक प्रशिक्षण की व्यवस्था करना, ग्राम कचहरी के अधिकार क्षेत्र के मामलों को अनिवार्य रूप से ग्राम कचहरी को हस्तांतरित करना तथा महिला जनप्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना शामिल है।
प्रतिभागियों ने सरकार से ग्राम कचहरी प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाने की मांग की, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर सुलभ, त्वरित और किफायती न्याय मिल सके।
कार्यक्रम के अंत में ग्राम कचहरी को सशक्त बनाने संबंधी सिफारिशों को औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया गया तथा भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा के साथ बैठक का समापन किया गया।
