
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के राज्य कार्यालय में बिहार बोर्ड से अनुत्तीर्ण छात्राओं को पुनः माध्यमिक परीक्षा में सफल बनाने के उद्देश्य से चार दिवसीय गणित एवं विज्ञान कार्यशाला सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य छात्राओं के लिए सरल, उपयोगी, गतिविधि-आधारित तथा परीक्षा-उन्मुख अध्ययन सामग्री तैयार कर उनकी सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी और सहज बनाना था।
कार्यशाला में गणित और विज्ञान विषय के वरिष्ठ शिक्षक तथा शैक्षणिक विशेषज्ञों ने भाग लिया और छात्राओं द्वारा सामना की जाने वाली शैक्षिक चुनौतियों, सीखने की गति तथा परीक्षा-संबंधी कठिनाइयों पर गहन विचार-विमर्श किया। प्रतिभागियों ने नियमित अभ्यास, सरल भाषा में शिक्षण और अवधारणात्मक समझ पर बल देते हुए कहा कि गतिविधि-आधारित पद्धति के माध्यम से अधिक से अधिक छात्राओं को दसवीं बोर्ड परीक्षा में सफल बनाया जा सकता है।

विशेषज्ञों ने छात्राओं के आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने, सतत शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने तथा विषय वार सरल और प्रभावी अध्ययन सामग्री विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया। परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास, मॉडल प्रश्नपत्र और समय प्रबंधन की रणनीतियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई, जिससे छात्राओं को परीक्षा-स्थितियों का अभ्यास करने में मदद मिल सकेगी।
कार्यशाला के दौरान तैयार की गई अध्ययन सामग्री को सरल और सहज भाषा में तैयार किया गया है ताकि छात्राएँ उसे आसानी से समझ कर आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी कर सकें। इस पहल के आयोजकों तथा सहभागी शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि यह कार्यक्रम छात्राओं के शैक्षणिक विकास, आत्मविश्वास वृद्धि और बोर्ड परीक्षा में सफलता सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा।

कार्यशाला में पूर्व सलाहकार, शिक्षा विभाग ए.के. पांडेय, राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्री नगर के शिक्षक शिशुपाल कुमार और अशोक कुमार सिंह, तथा राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, चिरैयाटाड़ के अजय कुमार और चंचल शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के क्षेत्रीय समन्वयक संजय कुमार, राज्य कार्यक्रम समन्वयक राजेश कुमार पांडेय, केंद्रीय ट्रेनिंग एसोसिएट अश्विनी जादव, सोनल नायक, स्नेहा रानी, आकाश कुमार और गौरव कुमार भी उपस्थित रहे।
कार्यशाला का समापन सकारात्मक सुझावों और भविष्य की कार्ययोजनाओं के साथ हुआ। आयोजक इस कार्यक्रम को छात्राओं के लिए सतत शिक्षण सहयोग एवं सफलता का मार्गाकारक बताते हैं और आगामी दिनों में इसी तरह के प्रशिक्षण सत्र और सामग्री वितरण की योजनाएँ बनाए जाने की जानकारी दी है।
