जे-पाल टीम ने प्रथम के ‘सेकंड चांस’ कार्यक्रम का किया अवलोकन, बालिकाओं की शिक्षा की चुनौतियों पर गहन संवाद

शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख संस्था प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के ‘सेकंड चांस’ कार्यक्रम के अंतर्गत अब्दुल लतीफ जमील पॉवर्टी एक्शन लैब (जे-पाल) की टीम ने लर्नर्स, एलुमिनी तथा हाई स्कूल की छात्राओं से मुलाकात की। इस दौरान कार्यक्रम की गतिविधियों का वीडियो दस्तावेजीकरण भी किया गया, ताकि इसके प्रभाव और सीखने की प्रक्रिया को और बेहतर ढंग से समझा जा सके।

मुलाकात के दौरान लर्नर्स एवं एलुमिनी ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि सेकंड चांस कार्यक्रम ने उन्हें शिक्षा से दोबारा जुड़ने और आत्मविश्वास बढ़ाने में कैसे मदद की। हाई स्कूल की छात्राओं ने भी अपने शैक्षणिक अनुभवों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर चर्चा की।

जे-पाल टीम ने बस्ती स्तर पर उन बालिकाओं से भी संवाद किया, जिनका सर्वे किया गया था और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया गया था, लेकिन वे कक्षा में नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो रही थीं। टीम ने बालिकाओं और उनके परिवारों से बातचीत कर यह समझने का प्रयास किया कि वे दसवीं कक्षा की पढ़ाई क्यों नहीं जारी रख पा रही हैं।

सर्वे के दौरान सामने आए प्रमुख कारणों में पारिवारिक जिम्मेदारियां, आर्थिक समस्याएं, सामाजिक बाधाएं तथा शिक्षा के प्रति जागरूकता की कमी शामिल रही। जे-पाल टीम ने इन चुनौतियों को गहराई से समझते हुए संभावित समाधानों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

जे-पाल प्रतिनिधियों ने प्रथम के सेकंड चांस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल शिक्षा से वंचित बालिकाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और सहयोगात्मक प्रयासों से इन समस्याओं का समाधान संभव है।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने बालिकाओं की शिक्षा को सशक्त बनाने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

इस संवाद कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग:

प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से क्षेत्रीय समन्वयक संजय कुमार, गर्ल्स एंड वूमेन कार्यक्रम की को-लीड समन्वयक सौम्या नायर, राज्य कार्यक्रम समन्वयक राजेश कुमार पाण्डेय, टीम लीडर स्नेहा रानी, शिल्पा कुमारी, रुचि गुप्ता, सूरज कुमार, पवन कुमार।

जे-पाल की ओर से शोभनी मुखर्जी (एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, जे-पाल साउथ एशिया), रश्मि बरुआ (एसोसिएट प्रोफेसर, इंडियन स्टेटिसिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली), रोहणी कॉल, अनिता एश्वरी एवं एलेन मैथ्यू मौजूद रहे।

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