हार से हौसले तक: 381 बालिकाओं ने ‘सेकेंड चांस’ से लिखी नई शुरुआत की कहानी

पटना– बिहार की 381 बालिकाओं ने साबित कर दिया कि हार अंत नहीं, बस एक नई शुरुआत का इंतजार है। प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘सेकेंड चांस’ (दूसरा अवसर) कार्यक्रम के तहत ये बालिकाएं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की वार्षिक बोर्ड परीक्षा के अंतिम दिन परीक्षा केंद्रों पर आत्मविश्वास और उत्साह के साथ पहुंचीं। उनके चेहरों पर सकारात्मक ऊर्जा, दृढ़ संकल्प और सफलता की चमक साफ नजर आ रही थी।ये बालिकाएं पहले विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत कारणों से परीक्षा में सफल नहीं हो पाई थीं। लेकिन ‘सेकेंड चांस’ कार्यक्रम ने उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से दोबारा जोड़ा।

संस्था ने इनके लिए विशेष कक्षाएं, नियमित अभ्यास सत्र, विषयवार गाइडेंस और संदेह समाधान की व्यवस्था की। गणित, विज्ञान, हिंदी और अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों में गहन प्रशिक्षण दिया गया।कार्यक्रम में निरंतर मूल्यांकन, व्यक्तिगत काउंसलिंग और मनोबल बढ़ाने वाले सत्रों का भी आयोजन हुआ। नोडल शिक्षकों, अभिभावकों और संस्था की टीम के सहयोग से बालिकाओं में परीक्षा के प्रति सकारात्मक नजरिया विकसित हुआ।प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन का मानना है कि “दूसरा अवसर” सिर्फ परीक्षा देने का मौका नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास वापस पाने, आत्मनिर्भर बनने और जीवन में नई दिशा तय करने का मजबूत माध्यम है।

संस्था भविष्य में भी ऐसी पहलों से और अधिक बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम के सफल संचालन में राज्य कार्यक्रम समन्वयक राजेश कुमार पाण्डेय, स्नेहा रानी, नंदीश्वरी कुमारी, रुचि गुप्ता, स्वेता कुमारी, आकाश कुमार और गौरव कुमार की अहम भूमिका रही।शिक्षा में दूसरा मौका मिलना हर लड़की के लिए नई उम्मीद है। ऐसी पहलें समाज को मजबूत बनाती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *