
बिहार सरकार के शासन-प्रशासन की उदासीनता के कारण ग्राम कचहरी के प्रतिनिधि कर्मचारियों को अब तक उनका बकाया भत्ता नहीं मिल पाया है। होली और रमजान जैसे प्रमुख त्योहारों के बावजूद सरपंच, उपसरपंच, पंच, न्याय मित्र और सचिवों को उनका अल्प नियत विशेष भत्ता, यात्रा भत्ता और मानदेय प्राप्त नहीं हुआ, जबकि अधिकारी बेखबर मस्त हैं।
यह बात बिहार पंच-सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला, संयोजक पुष्पेंद्र ठाकुर, उपाध्यक्ष वशिष्ठ निषाद और अधिवक्ता सुमित सुमन ने संयुक्त रूप से कही।प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2011 से अब तक सभी जिलों के ग्राम कचहरी तथा इसके निर्वाचित प्रतिनिधि कर्मचारियों का नियत विशेष भत्ता, प्राक्षिच्छन यात्रा भत्ता, कंटेंजेंसी, भवन का किराया तथा पंचम राज्य वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित फर्नीचर मद की राशि बकाया है। पंचायती राज विभाग, बिहार सरकार द्वारा यह राशि जिलों को भेजी जाती रही है, लेकिन प्रखंड और जिला स्तर के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा हेराफेरी की जा रही है।इस संबंध में दर्जनों बार लिखित एवं मौखिक शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन किसी के कानों पर जूं नहीं रेंग रहा।
श्री निराला ने पुनः मांग की है कि अविलंब प्रखंडवार जांच कराकर सभी प्रकार के बकायों का शत-प्रतिशत भुगतान कराया जाए। अन्यथा पंच परमेश्वर लोकतांत्रिक पद्धति से आंदोलन चलाने को बाध्य होंगे।
