
पटना: बिहार प्रदेश पंच सरपंच संघ ने राज्य सरकार और पंचायती राज विभाग की उदासीनता के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा ऐलान किया है। प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला की अध्यक्षता में आर ब्लॉक, पटना में आयोजित आपात महाबैठक में सैकड़ों पंच, सरपंच, जिलाध्यक्ष और पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने सरकार की लापरवाही पर गहरा आक्रोश जताया और सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि उनकी लंबित मांगें तुरंत पूरी नहीं की गईं, तो सड़क से लेकर विधानसभा सदन तक तीव्र आंदोलन चलाया जाएगा।संघ ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें उठाई हैं
:*0* वर्षों से बकाया नियत एवं विशेष भत्ता का तत्काल भुगतान
*0* प्रशिक्षणार्थियों का लंबित भत्ता जारी करना
*0* भवन किराया और 12,000 रुपये प्रति माह की दर से कंटिंजेंसी फंड का भुगतान
*0* स्थानीय निकाय एमएलसी चुनाव में पंच-सरपंच को मतदाता बनाने का प्रावधान
*0* पूर्व में जारी आदेशों का शीघ्र क्रियान्वयन
*0* विभाग के निरंकुश पदाधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई
बैठक में सर्वसम्मति से यह भी तय किया गया कि बहुत जल्द एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश और राज्यसभा सांसद तथा संघ के पूर्व संरक्षक डॉ. भीम सिंह को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। उन्हें सम्मानित करने के साथ-साथ ग्राम कचहरी संचालन में आने वाली जमीनी समस्याओं से अवगत कराया जाएगा।

संघ ने भारत सरकार के पंचायती राज विभाग के सचिव विवेक भारद्वाज, बिहार के मुख्य सचिव और विकास आयुक्त की ग्राम कचहरी के प्रति सकारात्मक सोच के लिए आभार व्यक्त किया।
मुखिया महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने संबोधित करते हुए कहा, “पंच सरपंच संघ के सकारात्मक निर्णयों के साथ मैं हमेशा खड़ा रहूंगा। हमारी एकजुटता से ही मांगें पूरी होंगी।
“बैठक में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष किरणदेव यादव, वशिष्ठ निषाद, महासचिव सुनील कुमार तिवारी, दिलीप सिंह, मदन कुमार मिश्रा, भरत सिंह सहित कई जिलाध्यक्ष जैसे संतोष मिश्रा, अमीत दुबे, अजय कुमार सिंह, दिनबंधू सिंह, मनोज कुमार सिंह, राघवेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, विनोद यादव, लाल बहादुर साह, रामकुमार यादव, रामाकांत महतो, जितेंद्र दूबे आदि सैकड़ों प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारी मौजूद रहे।
अंत में प्रदेश प्रवक्ता रवि शंकर शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। संयोजक पुष्पेंद्र ठाकुर ने बैठक का सफल संचालन किया।
यह बैठक बिहार के ग्रामीण स्तर पर कार्यरत पंच-सरपंचों की लंबित मांगों को लेकर बढ़ते असंतोष को दर्शाती है, और यदि सरकार ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
