पटना साहिब विधानसभा सीट बिहार की सबसे अहम शहरी सीटों में से एक है। यहां गुरु गोविंद सिंह जी का जन्मस्थान होने से धार्मिक महत्व तो है ही, लेकिन चुनाव में जाति का खेल सबसे बड़ा फैक्टर रहता है। 2025 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच यहां जबरदस्त मुकाबला है।
कुल वोटर हैं करीब 3.79 लाख। इसमें वैश्य (70-80 हजार) और कुशवाहा (80-90 हजार) भाजपा के मजबूत आधार हैं। यादव (50-60 हजार), मुस्लिम (60-65 हजार) और मल्लाह (30-40 हजार) कांग्रेस की ताकत हैं। कायस्थ, ब्राह्मण और राजपूत स्विंग वोटर हैं।
पहले यहां 7 बार नंद किशोर यादव (भाजपा) जीते। लेकिन इस बार भाजपा ने नया चेहरा उतारा है – रत्नेश कुशवाहा (कुशवाहा समाज, युवा)। वहीं कांग्रेस ने शशांत शेखर (यादव, IIT-IIM बैकग्राउंड) को मैदान में उतारा है।
भाजपा का दांव: कुशवाहा + वैश्य + विकास का पुराना रिकॉर्ड।
कांग्रेस की उम्मीद: यादव + मुस्लिम + मल्लाह का MYM गठजोड़।
अगर कायस्थ और EBC भाजपा से नाराज हुए, तो खेल बदल सकता है। मतदान 6 नवंबर को है। इस बार जीत तय करेगी – जाति या विकास?
