
पटना। बिहार में शहरीकरण की रफ्तार अब रॉकेट की तरह दौड़ेगी! 40 वर्षों में पहली बार इतने बड़े स्तर पर शहरी विस्तार का ऐलान हुआ है। नीतीश कुमार सरकार ने 11 नए ग्रीनफील्ड और सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दिखाई गई।
ये 11 जगहें बनेंगी बिहार के नए शहर
पटना के आसपास नई टाउनशिप
पटना–सोनपुर बेल्ट
मुजफ्फरपुर
भागलपुर
गया
दरभंगा
मुंगेर
सारण (छपरा)
सहरसा
पूर्णिया
सीतामढ़ी (नाम होगा – सीतापुरम)
इनमें 9 टाउनशिप सभी प्रमंडलीय मुख्यालयों के निकट बनेंगी, जबकि सीतामढ़ी में सीतापुरम और पटना–सोनपुर बेल्ट में दो विशेष टाउनशिप होंगी।
कैसा होगा बिहार का नया शहरी मॉडल?
ये शहर पूरी तरह ग्रीनफील्ड मॉडल पर बनाए जाएंगे, यानी कागज पर खींचकर जमीन पर उतारे जाएंगे। इसमें होगा:पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन और भरपूर हरियालीचौड़ी सड़कें और बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टमआधुनिक ड्रेनेज, सीवरेज और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्थित आवासीय, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल जोन
भविष्य की बढ़ती आबादी और आर्थिक गतिविधियों को ध्यान में रखकर प्लानिंग
मंत्री नितिन नवीन ने कहा, “बिहार को अब राष्ट्रीय स्तर का शहरीकरण चाहिए। हम दिल्ली, गुजरात और आंध्र प्रदेश की तर्ज पर लैंड पूलिंग मॉडल लागू कर रहे हैं। इसमें किसान भी साझेदार बनेंगे और उन्हें विकसित प्लॉट वापस मिलेंगे।”
लैंड पूलिंग से किसानों को होगा फायदा
हर टाउनशिप के लिए अलग-अलग प्रशासकीय समितियां गठित की जाएंगी। इनमें भूमि अधिग्रहण अधिकारी, शहरी योजनाकार और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत किसानों की जमीन लेकर उसका कुछ हिस्सा विकसित करके (सड़क, पार्क, स्कूल के साथ) वापस किया जाएगा। यह मॉडल गुजरात के गांधीनगर और आंध्र के अमरावती में सफल हो चुका है।
मुख्य शहरों पर दबाव होगा कम
पटना, कंकड़बाग, पाटलिपुत्र जैसे इलाकों में ट्रैफिक जाम, जलजमाव और अनियोजित निर्माण की समस्या वर्षों से चली आ रही है। इन नए टाउनशिप से मुख्य शहरों पर जनसंख्या का दबाव कम होगा और लोग बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर वाले इलाकों में शिफ्ट कर सकेंगे।सरकार का दावा है कि ये 11 नए शहर न सिर्फ बिहार के शहरी चेहरे को बदलेंगे बल्कि रोजगार, निवेश और आवास के नए अवसर भी पैदा करेंगे।बिहार अब गांवों का प्रदेश नहीं, स्मार्ट सिटीज का प्रदेश बनेगा!(अखबार एक्सप्रेस ब्यूरो)
