
पटना, 23 जनवरी 2026 – पटना के न्यू कुंज कॉलोनी, साकेतपूरी क्षेत्र में बहादुरपुर बाजार समिति के निकट स्थित रुममेट गर्ल्स एंड ब्वायज हॉस्टल में सरस्वती पूजा बड़े ही उत्साह और धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर छात्रावास के संचालक आजाद रोहित और गौतम कुमार, समाजसेवी कर्मेंद्र कुमार, संतोष कुमार, वार्डन सोनी कुमारी सहित दर्जनों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और मां सरस्वती की आराधना की।
सरस्वती पूजन के दौरान छात्रावास परिसर को फूलों, रंगोली और पारंपरिक सजावट से सजाया गया। छात्र-छात्राओं ने भक्ति भजन गाए, मां सरस्वती की आरती उतारी और प्रसाद वितरण किया। यह आयोजन न केवल धार्मिक था, बल्कि छात्रावास के समुदाय को एकजुट करने का भी माध्यम बना।
छात्रावास संचालक आजाद रोहित ने बताया, “हमारे छात्रावास में लड़के और लड़कियों के लिए पूरी तरह अलग-अलग रहने की व्यवस्था है। सुरक्षा के मद्देनजर चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। यहां शुद्ध पेयजल, 24 घंटे सुरक्षा गार्ड, इमरजेंसी मेडिकल सेवा और घर जैसा शुद्ध एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध है। सभी कमरे वातानुकूलित (एसी) हैं। हम कम बजट में छात्र-छात्राओं को बेहतरीन सुविधाएं और पढ़ाई के अनुकूल माहौल प्रदान करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “यदि किसी छात्र को किसी प्रतिष्ठित कोचिंग में पढ़ाई करने की इच्छा है लेकिन आर्थिक समस्या आ रही है, तो हम अपने स्तर पर फीस कम करवाकर या सहायता देकर उनका नामांकन करवा देते हैं। गरीब, बीपीएल, अनुसूचित जाति/जनजाति तथा दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए हम विशेष छूट प्रदान करते हैं, ताकि उनकी पढ़ाई किसी भी आर्थिक बाधा से प्रभावित न हो। साथ ही, कोचिंग या ट्यूशन आने-जाने में असुविधा होने पर छात्रावास द्वारा वाहन की व्यवस्था भी की जाती है।”

गौरतलब है कि रुममेट गर्ल्स एंड ब्वायज हॉस्टल पिछले तीन वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और पटना में छात्रों के बीच लोकप्रिय हो चुका है। सरस्वती पूजा के मौके पर मौजूद छात्र-छात्राओं ने भी हॉस्टल की सुविधाओं और माहौल की सराहना की।
ब्यूटी कुमारी, रेखा कुमारी, शालिनी झा, मधु कुमारी, शेफाली कुमारी, कौशिक कुमारी, अंकिता कुमारी, खुशबू कुमारी, नैंसी कुमारी सहित कई अन्य छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां पढ़ाई के साथ-साथ घर जैसा वातावरण मिलता है, जो दूर से पढ़ने आए छात्रों के लिए बहुत सहायक साबित होता है।
यह आयोजन विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ हॉस्टल की सकारात्मक छवि को और मजबूत करने वाला रहा।

